उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव में नरेश चंद्र त्रिपाठी को वकीलों द्वारा समर्थन दिए जाने से विपक्षी प्रत्याशी हैरान परेशान
कानपुर उपदेश टाइम्स — उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव में नरेश चंद्र त्रिपाठी को वकीलों द्वारा सभी जनपदों में समर्थन दिए जाने से विपक्षी प्रत्याशी हैरान व परेशान है और नित नये षड्यंत्र रच रहे है! उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के प्रत्याशी नरेश चंद्र त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि मुझे प्रत्येक जनपदों में अधिवक्ताओं द्वारा मिल रहे अपार समर्थन से विपक्षी प्रत्याशी हैरान व परेशान है और नित्य नए षड्यंत्र रच रहे हैं, और वह मुझे चुनाव लड़ने से रुकवाना चाहते हैं! फखरुद्दीन अली अहमद नामक एक बाहरी व्यक्ति ने माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में एक रिट दाखिल की जिसमें यह कहा गया कि नरेश चंद्र त्रिपाठी एडवोकेट कट्टा गुरु कहलाते हैं और सजा प्राप्त है इसलिए उनका नामांकन पत्र खारिज किया जाए, मैं इस वार्ता के माध्यम से बताना चाहता हूं कि मामला गलत पाए जाने पर माननीय उच्च न्यायालय ने उपरोक्त रिट को खारिज कर दिया, उपरोक्त फखरुद्दीन अली अहमद ने एक प्रार्थना पत्र चुनाव अधिकारी बार काउंसिल उत्तर प्रदेश को दिया जिसे चुनाव अधिकारी ने आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया! मैं प्रेस वार्ता के माध्यम से बताना चाहता हूं कि 2009-10 में जब मैं महामंत्री था तब पुलिस व वकीलों का संघर्ष हुआ जिसमें तमाम वकीलों के हाथ पैर पुलिस ने तोड़ दिए मै भी उर्सला अस्पताल में भर्ती रहा तब मैं अधिवक्ताओं के समर्थन, मान व स्वाभिमान में बराबर डटा रहा जिसके फल स्वरुप 3 महीने तक कानपुर कचहरी में हड़ताल रही और कानपुर की न्यायिक व्यवस्था इटावा जनपद चली गई थी तब लोकसभा में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री स्वर्गीय श्री प्रकाश जायसवाल ने व सांसद राजाराम पाल ने आवाज उठाई व तीन सदस्यों की जस्टिस कमेटी से जांच करवाई गई, हमने अधिवक्ताओं के मान सम्मान व गौरव को अपने 37 साल की वकालत में हमेशा वरीयता दी है और उनके अधिकारों के लिए समय-समय पर लड़ता रहा हूं ! बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में यदि मुझे सभी अधिवक्ता अपना अमूल्य मत देकर के मुझे चुनाव जीतने का मौका देते हैं तो मैं उनके हितों के लिए निम्नलिखित कार्य प्राथमिकता से करने का प्रयास करूंगा
1 – अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को प्रदेश में लागू कराऊंगा
2- अधिवक्ता स्वास्थ्य बीमा हेतु अधिवक्ता परिवारों को आयुष्मान योजना में सम्मिलित कराऊंगा
3- नवागंतुक अधिवक्ताओं को पंजीकरण से प्रथम 5 वर्षों तक ₹8000 प्रतिमाह का अधिवक्ता स्वाभिमान भत्ता दिलाऊंगा
4- वरिष्ठ अधिवक्ताओं को जिनकी उम्र 60 वर्ष व प्रेक्टिस 30 वर्षों की होने पर 15000 रुपया प्रतिमाह अधिवक्ता सम्मान पेंशन दिलाऊंगा
5- प्रत्येक जनपद न्यायालय व तहसील न्यायालय में अधिवक्ताओं को बैठने हेतु पक्के संसाधन युक्त चैंबरों की व्यवस्था सुनिश्चित कराऊंगा
6- प्रत्येक बार एसोसिएशन में ई लाइब्रेरी की स्थापना कराऊंगा
7- राज्य में विधान परिषद में अधिवक्ताओं के लिए रिजर्व सीटों का निर्माण करने हेतु संविधान संशोधन करने का सरकार से आग्रह करूंगा
8- अधिवक्ताओं के परिवारों को निशुल्क उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराऊंगा
9- अधिवक्ताओं को 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने पर सेवानिवृत्ति फंड के रूप में एकमुश्त 20 लाख रुपए की राशि प्रदान कराऊंगा
10- अधिवक्ताओं के बच्चों की उच्चस्तरीय शिक्षा हेतु न्यूनतम दरों पर ऋण की व्यवस्था कराऊंगा
11- हर अधिवक्ता का अपना मकान हो इस हेतु हर जनपद में प्राधिकरणों व निकायों से अधिवक्ता पुरम की स्थापना कराऊंगा
12- अधिवक्ता की आकस्मिक मृत्यु पर मिलने वाली धनराशि पांच लाख को बढ़ाकर 15 लाख कराऊंगा
13- अधिवक्ता की मृत्यु पर मिलने वाली ढाणी राशि 3 लाख को बढ़ाकर 10 लाख रूपये कराऊंगा
14- अधिवक्ता की मृत्यु पर परिवार को ₹10000 प्रतिमाह परिवार पेंशन के रूप में प्रदान कराऊंगा
15- अधिवक्ताओं को बच्चों की शादी हेतु न्यूनतम ब्याज दरों पर ऋण की व्यवस्था सुनिश्चित कराऊंगा

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