85 बसन्त देखें पहला बसन्त सार्थक हुआ- दाऊलाल ठाकूर
महिलाएं बोली हमारा घर भी बनेगा प्लांट लवर
एक साथ 04 पिढ़िया पहुंची प्लांट प्रदर्षनी में
दो दिवसीय प्रदर्षनी का हूआ समापन
बाड़मेर। सेवानिवृत षिक्षक रहे 85 वर्शीय दाऊलाल ठाकूर बोले सुबह जब समाचार पत्र में प्लांट प्रदर्षनी का बारे में पढा तो षारीरिक अस्वस्था के बावजुद वो प्रदर्षनी देखने में पहुंचे। ठाकूर ने बताया कि उन्होंने 85 बसन्त देखे मगर ऐसी प्रदर्षनी बाड़मेर में पहली बार देखी है। वो कहते है कि ये एक उत्सव जो वर्श में दो बार मनाया जाए। उन्होंने बाड़मेर प्लांट लवर ग्रुप के प्रकृति प्रेम और पौधों के सरक्षण को देखकर आभार जताते हुए कहा कि ये वाकई अद्भुत है। इसी तरह राश्ट्रपति पुरस्कार विजेता गीता कुमारी ने प्रदर्षनी देखने के बाद कहा कि ये हमारी आने वाली पीढ़ी को ये एक तोहफा होगा। वनपाल सविता दहिया प्रदर्षनी देखने पहुंची ओर अवलोकन के बाद बोले यहां के नागरिकों को जागरूक करने का ये बेहतर प्रयास है। प्रदर्षनी को हर भाग अपनी अलग कहानी लिए हुए है। उन्होंने बाड़मेर प्लांट लवर ग्रुप के इस सकारत्मक प्रयास कि सराहना की। रविवार की सांय के बाद प्रदर्षनी का विधिवत समापन से पहले संस्था के वासुदेव जोषी ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले सभी का आभार जताया। उन्होंने नगर परिशद्,सती दाक्षयाणी मन्दिर,प्रयोजक कैलाष कोटड़िया एवं नवनीत पचौरी का विषेशतौर से आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने खिचवाई पौधों के साथ सेल्फी- कार्यकम संयोजक आनन्द डागा ने बताया कि दुसरा दिन भी महिलाओं के नाम रहा। गणगौर के चलते महिलाओं एवं बच्चों में उत्साह नजर आया। महिलाओं और बच्चों ने पौधों के साथ सेल्फी लेते हुए कहा कि हमारें घर में भी पौधें लगाएंगे। महिलाओं की सबसे अधिक भीड़ किचन गार्डन के विभाग में देखने को मिली। रसाई में उपलब्ध साधनों से ही घरों में षुद्ध साब्जियों को उगाया जा सकता है। बच्चों में बिमारियों को रोकने में कारगार साबित होने वाले औशधीय पौधों के बारे में भी महिलाओं ने सवाल-जवाब किए। षहर के गणमान्य लोग बोले ऐसी प्रदर्षनीयां जीवन रक्षक साबित हो सकती है- षहर के कई गणमान्य लोगो ने प्रदर्षनी को देखने के बाद बोला कि लगातार ऐसी प्रदर्षनीयां जागरूकता लाने में कारगार साबित होगी। लोगो ने कहा कि पहली बार सैकड़ो किस्म के प्लांट एक स्थान पर देखना सुखद अनुभव है। बुर्जुग,युवा,बच्चों एवं महिलाओं ने अधिकांष ने बोला ये प्रयास लगातार और निरन्तर हो। प्रदर्षनी देखेने आने वालों की संख्या परिवार सहित अधिक देखने को मिली। भरतपुर,बालोतरा,षिव,जैसलमेर,जो धपुर,चौहटन,बायतु सहित आस-पास के गांवों के लोग पहुंचे। इसमें से कई स्थानों से षिक्षक आए उन्होंने बोला की वो विद्यालय को हरा-भरा करना चाहते इसको लेकर मार्ग दर्षन की आवष्कता है इस पर ग्रुप के पदाधिकारीयों ने हर संभव सहयोग करने की बात कही। एक परिवार की एक साथ चार पीढियां पहुंंची प्रदर्षनी में-85 वर्शीय वरिश्ठ साहित्यकार ओमप्रकाष मधुप उनके पुत्र,पोत्र एवं प्रपोत्र के साथ प्रदर्षनी देखने पहुंचे। मधुप ने कहा कि जीवन में बसन्त खुब देख लिए मगर ये बसन्त जीवन का यादगार बसन्त है वो इसलिए के बाड़मेर में ऐसा आयोजन पहली बार हुआ साथ ही एक साथ 400 किस्म के 2000 प्लांट देखकर जो सुकुन का अनुभव हुआ है ऐसा जीवन में बेहद कम बार हुआ होगा। प्रदर्षनी के जानकारी बाद आने वाली पीढ़ियों को सन्देष देने के लिए पुरा परिवार साथ आया है। उन्होंने कहा कि भाग्यषाली हुं जो पुत्र,पौत्र एवं प्रपौत्र के साथ आया हुं। आनन्द डागा कार्यक्रम संयोजक बाड़मेर प्लांट लवर ग्रुप, 8619174316

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