कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वैश्विक प्रभाव” विषय पर सीएमई (CME) का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में हुआ आयोजन
भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), कानपुर शाखा द्वारा शैक्षणिक अनुसंधान सोसाइटी (एआरएस) के सहयोग से “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का वैश्विक प्रभाव – चिकित्सकीय, आर्थिक, कानूनी एवं सामाजिक आयाम, विशेष रूप से भारत के संदर्भ में” विषय पर एक सतत् चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (CME) का आयोजन आईएमए भवन, परेड, कानपुर में किया गया। कार्यक्रम में यह चर्चा की गई कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाओं, अर्थव्यवस्था, कानून और समाज के स्वरूप को परिवर्तित कर रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता थे माननीय श्री राज कुमार मिश्रा, वेलिंगबरो (इंग्लैंड) के मेयर एवं यूनाइटेड किंगडम के काउंसिलर, जिन्होंने अपने सारगर्भित संबोधन में एआई से जुड़े नैतिक और सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए भारत के लिए चिकित्सा एवं शासन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए कानपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने की तथा समन्वयक की भूमिका डॉ. पवन कुमार तिवारी (मुख्य स्थायी अधिवक्ता, भारत सरकार) ने निभाई।अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. नंदिनी रस्तोगी, डॉ. संजय रस्तोगी, डॉ. वी.सी. रस्तोगी, डॉ. दीपक श्रीवास्तव (वैज्ञानिक सचिव, आईएमए), डॉ. राम तिवारी (अध्यक्ष, एआरएस), तथा अधिवक्ता मोहित पांडेय (उपाध्यक्ष, एआरएस) शामिल रहे। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने एआई के चिकित्सकीय निर्णय प्रक्रिया, मेडिकल शिक्षा, डेटा गोपनीयता और मेडिको-लीगल पहलुओं पर व्यावहारिक प्रभावों पर चर्चा की।
इसके पश्चात् सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्मृति चिह्न भेंट किए गए। अपने संबोधन में श्री मिश्रा ने बताया कि वे किसान परिवार से हैं। भारत और उत्तर प्रदेश से उनके गहरे लगाव के कारण वे चाहते हैं कि देश को एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ाकर आम जनता को इसका लाभ मिले। इसी उद्देश्य से उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश में लगभग ₹2,500 करोड़ का निवेश कर एआई पर व्यापक कार्य करेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने एआई से जुड़े सुरक्षा में सेंध या नौकरियों के समाप्त होने जैसी शंकाओं को दूर करते हुए कहा कि इस तकनीक पर कार्य पहले से ही चल रहा है और ऐसी चिंताएँ निराधार हैं। कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र सहित समग्र समाज में एआई के नैतिक, संतुलित और मानव-केंद्रित उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया। उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में विजय नारायण तिवारी, अभिनव, विनय, साकेत, अमित, प्रवीण, एवं सौरभ सहित चिकित्सा, विधि, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ शामिल थीं।

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