पहाड़ गांव जालौन नहर विभाग की लापरवाही से फिर जलमग्न हुए खेत, किसानों की बढ़ी परेशानी
विकास खंड कोंच क्षेत्र के ग्राम नरी में नहर विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। बीती रात्रि नहर में अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण क्षेत्र के खेत पानी से भर गए। पहले से ही मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह घटना एक और बड़ा सदमा साबित हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि बुवाई पहले ही करीब एक महीने लेट हो चुकी थी, क्योंकि लगातार हुई बारिश के चलते किसान समय पर खेतों की जुताई और बुवाई नहीं कर पाए थे। और कुछ लोगों ने बुवाई कर भी ली थी तो अधिक पानी बरसने से बिजगुडी हो गई थी जिन किसानों ने किसी तरह बुवाई पूरी कर भी ली थी तो उनकी फसलें भारी बारिश की वजह से पहले ही काफी क्षति झेल चुकी थी इसी बीच नहर में अनिंयत्रित तरीके से छोड़े गए पानी ने किसानों की उम्मीदों पर फिर से पानी फेर दिया खेतों में रातोंरात पानी भर जाने से खड़ी मटर गेहूं की फसलों के सड़ने और गलने का खतरा बढ़ गया है ग्राम नरी निवासी राजा भैया संजू पालीवाल संदीप त्रिपाठी सहित कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि नहर विभाग को समय रहते पानी का नियंत्रण करना चाहिए था ताकि खेत जलमग्न न होते संजू पालीवाल ने बताया उच अधिकारियों को क ई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन हर बार अन देखी की जाती है किसानों की मांग है कि नहर विभाग तत्काल प्रभाव से स्थिति को नियंत्रित करें और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएं और साथ ही किसानों का नुक़सान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाया जाए
जिन किसानों ने किसी तरह बुवाई पूरी कर भी ली थी, उनकी फसलें असामान्य और भारी बारिश की वजह से पहले ही काफी क्षति झेल चुकी थीं। इसी बीच नहर में अनियंत्रित तरीके से छोड़े गए पानी ने किसानों की उम्मीदों पर फिर से पानी फेर दिया है। खेतों में रातोंरात पानी भर जाने से खड़ी फसलों के सड़ने और गलने का खतरा बढ़ गया है, जबकि जिन किसानों ने दोबारा बुवाई की तैयारी की थी, उनकी योजनाएं भी ध्वस्त हो गई हैं।
ग्राम नरी के निवासी संजू पालीवाल और राजा भैया सहित कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि नहर विभाग को समय रहते पानी का नियंत्रण करना चाहिए था, ताकि खेत जलमग्न न हों। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार अनदेखी की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में अचानक पानी खोल दिया गया, जिससे किसी को तैयारी का मौका भी नहीं मिला और खेत देखते ही देखते तालाब बन गए।
किसानों ने मांग की है कि नहर विभाग तत्काल प्रभाव से स्थिति को नियंत्रित करे और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा भी दिया जाए, ताकि वे अगली फसल के लिए तैयारी कर सकें।
ग्रामवासियों का कहना है कि यदि नहर विभाग द्वारा ऐसी गलतियां दोहराई जाती रहीं, तो क्षेत्र के किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि फसलों का भविष्य विभाग की लापरवाही पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

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