उत्पीड़न के खिलाफ लेखपालों ने खोला मोर्चा, धरने पर बैठे
कोंच तहसील में धरना देते लेखपाल
संवाददाता देवेन्द्र शर्मा
कोंच। फतेहपुर जनपद में कथित तौर पर प्रशासनिक उत्पीड़न के चलते लेखपाल सुधीर कुमार द्वारा की गई आत्महत्या पर कोंच तहसील के लेखपालों ने शुक्रवार को काम नहीं किया और प्रदेश संगठन के आह्वान पर धरना देकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर मांगें पूरी करने की मांग की।
लेखपालों का कहना था कि उक्त घटना आत्महत्या नहीं अपितु असंवेदनशीलता द्वारा कारित हत्या प्रतीत होती है। मृतक लेखपाल की बहन द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए जाने एवं तहसील जनपद के लेखपालों के अनुरोध के बावजूद 30 घंटे तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। परिजनों द्वारा संबंधित एसडीएम व अन्य आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज न करने पर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया गया। 26 नवंबर को शव उठाने के लिए प्रशासन द्वारा षडयंत्र पूर्वक परिजनों की तहरीर बदलवाकर एफआईआर दर्ज करा दी गई जिसमें मुख्य आरोपी संजय कुमार सक्सेना पीसीएस का नाम शामिल न करके केवल राजस्व निरीक्षक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखवा दी गई। प्रशासन के द्वारा कपट पूर्वक केस को कमजोर करने का खेल किया जा रहा है। उक्त घटनाक्रम प्रदेश भर के समस्त लेखपालों में आक्रोश एवं भय का महौल है तथा मृतक परिवार के परिजन आहत हैं। लेखपाल संघ ने सीएम से मांग की कि पीसीएस अधिकारी संजय सक्सेना के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए, मृतक की मां को पचास लाख की आर्थिक सहायता दी जाए, मृतक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही अधीनस्थ कर्मचारियों लेखपालों के साथ सद्व्यवहार किया जाए। इसके अलावा और भी तमाम मांगें लेखपालों ने उठाईं।

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