चेहरे और जबड़े के इलाज में इतिहास रचा मुंबई में शुरू हुआ क्रेनियोफेशियल एवं टीएमजे सर्जरी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मुंबई (अनिल बेदाग): एस. एल. राहेजा हॉस्पिटल – ए फोर्टिस एसोसिएट ने आज मुंबई के पहले ‘क्रेनियोफेशियल एवं टेम्परोमैंडिबुलर जॉइंट (टीएमजे) सर्जरी’ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की शुरुआत की। यह केंद्र चेहरे और जबड़े से जुड़ी संरचनात्मक व कार्यात्मक समस्याओं तथा चोटों से पीड़ित मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र और विशेष उपचार उपलब्ध कराएगा। इस सेंटर के उद्घाटन अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता-निर्देशक श्री महेश मांजरेकर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने चेहरे के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर विशेषज्ञ इलाज की आवश्यकता पर जोर दिया।
नव-स्थापित टीएमजे सर्जरी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जबड़े में दर्द और अकड़न, जबड़े का लॉक होना या क्लिक की आवाज़ आना, चेहरे की असमानता, क्रेनियोफेशियल विकृतियाँ, कटे होंठ व तालु (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट), चेहरे की चोटें, जबड़े की गांठें व ट्यूमर तथा फेसियल रीकंस्ट्रक्शन जैसी कई जटिल समस्याओं का इलाज किया जाएगा। यहां मिनिमली इनवेसिव और प्रिसिजन-आधारित तकनीकों का उपयोग कर जबड़े की कार्यक्षमता बहाल करने, दर्द कम करने और मरीजों की तेजी से रिकवरी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
टीएमजे विकार आमतौर पर 20 से 45 वर्ष की आयु के वयस्कों में अधिक पाए जाते हैं, हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकते हैं। डॉ. तोफीक बोहरा, हेड – क्रेनियोफेशियल एवं टीएमजे सर्जरी, एस. एल. राहेजा हॉस्पिटल – ए फोर्टिस एसोसिएट के अनुसार, अस्पताल में हर महीने लगभग 50 टीएमजे से जुड़े मरीज आते हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे वे तनाव, लंबे काम के घंटे, गलत पोश्चर, दांत पीसने की आदत और नींद से जुड़ी समस्याओं जैसे जीवनशैली कारकों को जिम्मेदार मानते हैं।
लॉन्च अवसर पर बोलते हुए एस. एल. राहेजा हॉस्पिटल – ए फोर्टिस एसोसिएट में क्रेनियोफेशियल एवं टीएमजे सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. तोफीक बोहरा ने कहा,
“इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एक स्पष्ट विज़न के साथ की गई है, जो प्रिसिजन, फंक्शन और एस्थेटिक्स जैसे मजबूत स्तंभों पर आधारित है। चेहरे और जबड़े से जुड़ी हर समस्या अलग होती है, इसलिए हमारा फोकस टीएमजे और जबड़े के विकारों, जटिल क्रेनियोफेशियल स्थितियों तथा लिम्फैटिक से जुड़ी चेहरे की समस्याओं के लिए मिनिमली इनवेसिव और प्रिसिजन-ड्रिवन सर्जिकल तकनीकों के माध्यम से उन्नत समाधान उपलब्ध कराने पर है। हमारा उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों की दीर्घकालिक कार्यक्षमता की बहाली और आत्मविश्वास की पुनर्स्थापना भी है।” वहीं डॉ. कुणाल पुनमिया, सीईओ, एस. एल. राहेजा हॉस्पिटल, माहिम – ए फोर्टिस एसोसिएट ने कहा, “इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ मुंबई और उसके बाहर के मरीजों के लिए अत्यधिक विशेषज्ञ चेहरे और जबड़े की देखभाल को अधिक सुलभ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। फोर्टिस हेल्थकेयर के कड़े गुणवत्ता मानकों के साथ गहन क्लिनिकल विशेषज्ञता को जोड़कर, हमारा लक्ष्य जटिल क्रेनियोफेशियल और टीएमजे समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को एकीकृत, मरीज-केंद्रित इकोसिस्टम के तहत निरंतर श्रेष्ठ परिणाम प्रदान करना है।”
अपने विचार साझा करते हुए श्री महेश वामन मांजरेकर (अभिनेता, फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक एवं निर्माता) ने कहा,“चेहरे और जबड़े से जुड़ी समस्याओं को अक्सर तब तक नज़रअंदाज़ किया जाता है, जब तक वे रोज़मर्रा की ज़िंदगी, आत्मविश्वास और आत्म-अभिव्यक्ति में बाधा नहीं डालने लगतीं। इस तरह के सेंटर न केवल इलाज में, बल्कि समय पर सही निदान और विशेषज्ञ देखभाल के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। सही समय पर सही विशेषज्ञ तक पहुँचना, रिकवरी और जीवन की गुणवत्ता – दोनों में गहरा सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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