कोंच-पहाड़ गांव मार्ग पर ग्राम परैथा नहर बिना संकेतक के पड़ी मोड़े, राहगीरों के लिए खतरा बनी परैथा नहर पुल की अंधी मोड़े
संवाददाता देवेन्द्र शर्मा
पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही उजागर, दो अंधी मोड़ों पर नहीं लगे संकेतक, टूटी पड़ी नहर पुल की पैरापिट बॉल
कोंच। कोंच क्षेत्र में कई अंधी मोड़ हादसों को आमंत्रित कर रहे हैं, लेकिन कोंच–पहाड़गांव मार्ग पर ग्राम परैथा स्थित नहर पुल पर बना डबल अंधी मोड़े सबसे खतरनाक साबित हो रहा है। यहां न तो कोई चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही पुल की पैरापिट वॉल सही तरीके से निर्मित है वह कई महीनों से टूटी पड़ी है।
कोंच-पहाड़गांव होते हुए सेसा से झांसी-कानपुर हाईवे को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर ग्राम परैथा के पास स्थिति नहर पुल पर पड़ने वाली एक साथ दो अंधी मोड़े है जहां आने व जाने वाले वाहनों चालकों को दोनों तरफ से सावधानी बरतनी पड़ती है। वहां जरा सी लापरवाही लोगों के लिए खतरा बन सकती है। फिर में अभी तक पीडब्लूडी विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। पीडब्लूडी विभाग की लापरवाही के चलते वहां न कोई चेतावनी संकेतक लगाए गए है और न ही पुल टूटी पड़ी पैरापिट बॉल सही कराई गई है। वह इलाका राहगीरों के लिए खतरा भरा है। दिन-रात भारी आवाजाही वाली इस सड़क पर अब तक कई हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बाइक चालक अंधी मोड़ के कारण सीधे नहर में गिर कर अपनी जान गबा चुके हैं। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से अब तक किसी तरह की चेतावनी पट्टिका या सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जल्द ही संकेतक लगाने और पुल की सुरक्षा दीवार दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाले हादसों पर रोक लग सके।

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