सीओपीडी दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में शामिल, हर साल 30 लाख मौतें कानपुर में विशेषज्ञों ने जागरूकता बढ़ाने को की प्रेस कॉन्फ्रेंस
केके द्विवेदी
कानपुर नगर उपदेश टाइम्स
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (सीओपीडी) को विश्व की सबसे घातक बीमारियों में गिना जाता है, जिससे प्रतिवर्ष करीब 3 मिलियन (30 लाख) लोग अपनी जान गंवा देते हैं। बढ़ती उम्र में सांस फूलना, दमा की समस्या और लगातार खांसी-बलगम जैसे लक्षण इसके प्रमुख संकेत हैं।
ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव लंग डिज़ीज़ (GOLD) द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने सीओपीडी को समय पर पहचानने और जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
कानपुर नगर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डॉक्टर एस. के. अवस्थी, डॉक्टर जे. एस. चौहान, डॉक्टर एम. जे. गुप्ता और डॉक्टर अनुराग शुक्ला ने बताया कि प्रदूषण, धूम्रपान और कमजोर फेफड़ों की क्षमता इसके प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर इलाज और नियमित जांच से इस बीमारी के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टरों ने नागरिकों से अपील की कि सांस संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।

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