जो लौट के घर न आए.. मेजर मनोज तलवार, वीरगति प्राप्त
11 जून 1999
डियर मम्मी-पापा चरण स्पर्श,
मैं अच्छा हूं। यहां एसटीडी नहीं है। बड़े व्यस्त शेड्यूल में आपको खत लिख रहा हूं। जंग जारी है। इसको हम जीतकर ही दम लेंगे। मैं बहुत खुश हूं पापा। आज हमने आधी रात को पाकिस्तान क्रिकेट टीम को हराने का जश्न दुश्मन पर गोलाबारी करके मनाया है। मुझे विश्वास है कि सेमी फाइनल हम ही खेलेंगे। यहां की चिंता मत करना। आप ख्याल रखना। मैं जल्द वापस आऊंगा।
– मनोज तलवार
यह ख़त मेजर मनोज तलवार द्वारा 11 जून 1999 को सियाचीन से अपने परिवार को लिखा गया था | कौन जानता था कि यह उनका आखिरी ख़त होगा और यह ख़त उनके परिवार की धरोहर बन जाएगा | यह पत्र 16 जून को उस दिन पहुंचा जिस दिन मेजर मनोज तलवार का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा था |
जून 1999 के दौरान मेजर मनोज तलवार 9 मराठा रेजिमेंट के साथ सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थे। उस समय हमारी सेना कारगिल, द्रास, बटालिक और मस्कोह में 8 माउंटेन डिविजन और 3 इन्फैंट्री डिविजन की कमांड के अंतर्गत नियंत्रण रेखा के पास ज़ोजिला दर्रे के पूर्व और पश्चिम में पाकिस्तानी सेनाओं से लड़ रही थी। हमारी सेना को उलझाने के लिए पाकिस्तानी सैन्य कमांडरों ने सियाचिन क्षेत्र में ऑपरेशनल गतिविधियों को काफी बढ़ा दिया था, तोपों से भारी गोलाबारी की जा रही थी | सियाचिन में तैनात सैन्य टुकड़ियों ने अपने जिम्मेदारी के इलाके में गश्त को बढ़ा दिया था ताकि दुश्मन कोई नया मोर्चा न खोल पाए |
13 जून 1999 को मेजर मनोज तलवार एक पेट्रोलिंग पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे। मौसम ख़राब था हाथ को हाथ दिखाई नहीं पड रहा था | तापमान के नाम पर मुंह से निकलने वाली थोडा़ गर्म हवा थी | मेजर मनोज तलवार और उनके सैनिकों को पेट्रोलिंग करते समय बेहद कठिन इलाके और खतरनाक मौसम की परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था | लेकिन इन कठिन परिस्थितियों से सामना करने के लिए जो इनके पास जो था वह था देश प्रेम का जज्बा । इलाके की बनावट और दृश्यता की स्थिति ने मेजर मनोज तलवार की टुकड़ी के लिए शत्रु सैनिकों को देखना कठिन बना दिया था | पाकिस्तानी सेना लगातार लम्बी दूरी तक मार करने वाली तोपखाने की तोपों से भारी फायरिंग कर रही थी। मेजर मनोज तलवार अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए आगे बढ़ रहे थे इसी बीच दुश्मन के गोले से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल होने के बावजूद मेजर मनोज तलवार ने अपनी टुकड़ी का नेतृत्व जारी रखा | गहरी चोट और तेजी से होते रक्तस्राव के कारण वह वीरगति को प्राप्त हो गए |
मेजर मनोज तलवार जन्म 29 अगस्त 1969 को उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ में श्रीमती उषा तलवार और कैप्टेन पी. एल. तलवार (सेवानिवृत्त) के यहाँ हुआ था। उनकी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा कानपुर में हुई, क्योंकि उनके पिता यहीं पर तैनात थे। पढाई के दौरान ही उनका चयन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के लिए हो गया| प्रशिक्षण पूरा होने के पश्चात मेजर तलवार को 1992 में 3 महार रेजिमेंट में कमीशन मिला। मेजर तलवार ने जम्मू और कश्मीर और उत्तर-पूर्व के विभिन्न चुनौतिपूर्ण ऑपरेशनल क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दीं। फरवरी 1999 में उन्हें 9 महार रेजिमेंट में तैनात किया गया | उस समय 9 महार रेजिमेंट सियाचिन ग्लेशियर के दक्षिण-पश्चिम में सॉल्टोरो रिज पर तैनात थी।
मेजर मनोज तलवार के परिवार में उनके छोटे भाई नवीन तलवार और उनका परिवार है। उनकी माँ श्रीमती उषा तलवार और पिता कैप्टन पी एल तलवार का निधन हो चुका है। मेजर मनोज तलवार की याद में मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर उनकी एक प्रतिमा लगायी गयी है |
– हरी राम यादव
7087815074

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