आया होली का त्यौहार
धरती धानी रंग में सजी हुई,
धारे लाल रंग का बंदनवार।
ढाख पलास रंगबाज बने,
कनक झूमे हरी संग बयार।
आया होली का त्यौहार।।
मन मगन हो कोयल गा रही,
कूद कूद बौराये आम की डार।
करवन कटार प्रफुल्लित हो,
गा रही फगुआ गीत विचार।
आया होली का त्यौहार।।
गगन मगन मन गा रहा,
होली के हुड़दंग निहार।
पछुआ पवन झकोरा ले,
कर रही खूब प्रेम व्यापार।
आया होली का त्यौहार।।
गले मिलो गिले मिटाओ,
भेंटों भरि भरि अंकवार।
रंग लगाओ गुलाल लगाओ,
करो इत्र की खूब बौछार।
आया होली का त्यौहार।।
लाल, हरे, नीले और पीले,
सब रंग संग संग करें विहार।
आओ हम मिलकर लाएं,
सबके मन में रंग बहार।
आया होली का त्यौहार।।
– हरी राम यादव
बनघुसरा, अयोध्या
7087815074

आदमी को आदमी से डर लगता है
शंकरत्व के बिना सब निर्मूल है
देश के मजबूर किसान
मैं मजदूर हूं
लड़ना ही है तो लड़ो मित्रों 