कुशाग्र अपहरण-हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद
कानपुर नगर उपदेश टाइम्स
कानपुर शहर के बहुचर्चित कुशाग्र अपहरण एवं हत्याकांड में जिला अदालत ने वीरवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और उनके साथी आर्यन उर्फ शिवा को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को किडनैपिंग (धारा 364A) और हत्या (धारा 302) का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि तीनों दोषियों को अपनी प्राकृतिक मृत्यु तक जेल की सलाखों के पीछे रहना होगा। अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपियों ने गुरु-शिष्य जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। सीसीटीवी फुटेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और 14 गवाहों के बयानों ने अभियोजन पक्ष के केस को मजबूती दी, जिसके आधार पर यह कृत्य ‘जघन्य श्रेणी’ में रखा गया। अभियोजन के अनुसार, 30 अक्टूबर 2023 को कारोबारी के बेटे कुशाग्र का अपहरण 30 लाख रुपये की फिरौती के लालच में किया गया था। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने निर्दयता से छात्र की हत्या कर दी। फैसले के बाद कोर्ट परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला। कुशाग्र की मां सुनीता फैसले के बाद रो पड़ीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे को जिस बेरहमी से मारा गया, उसके लिए उम्रकैद भी पर्याप्त नहीं है। वहीं, कुशाग्र के चाचा ने अदालत के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक दोषियों को फांसी नहीं होती, तब तक आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। उन्होंने परिवार की ओर से हाईकोर्ट में अपील कर दोषियों को मृत्युदंड दिलाने की बात कही।
अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह अपराध केवल पैसों के लालच में किया गया और इसमें पूरी साजिश रची गई थी। अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए दोषियों को कड़ी सजा सुनाई। इस फैसले को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है, जिसने पूरे शहर को झकझोर देने वाले इस हत्याकांड पर विराम लगाया है।

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