पक्षी जैव विविधता की मुख्य कड़ी – प्राचार्य डॉ. उम्मेदसिंह
परिण्डा अभियान में लगाएं परिण्डे लगाकर पक्षी संरक्षण का दिया संदेश, स्वयंसेवकों को वितरित किए परिण्डे
बाड़मेर । 22.05.2024 । अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर बुधवार को राजकीय महाविद्यालय बाड़मेर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं जन कल्याण ट्रस्ट, बाड़मेर के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ. उम्मेद सिंह एवं परिंडा अभियान के संयोजक मुकेश बोहरा अमन की उपस्थिति में माधव महाविद्यालय राजकीय महाविद्यालय परिसर में पंछियों के लिए मिट्टी के परिण्डे लगाएं गए । वही एनएसएस के विद्यार्थियों को परिण्डे वितरित किए गए ।
ट्रस्ट के सचिव दीपक जैन ने बताया कि जैव विविधता दिवस पर माधव महाविद्यालय राजकीय महाविद्यालय परिसर में मौजूद पेड़ों पर मिट्टी के परिण्डे लगाएं गए । वहीं जन कल्याण ट्रस्ट, बाड़मेर की ओर से एएनएसएस के विद्यार्थियों को 50 परिण्डे वितरित किए गए । महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ. उम्मेद सिंह ने अपने हाथों से परिंडे लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा स्वयंसेवकों को प्रेरित किया कि वे प्राप्त परिंडों को विभिन्न स्थानों पर लगाकर इन मूक पक्षियों के जीवन निर्वाह में सहयोग करें । वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. एम. डी. तंवर, डा. नवल किशोर, डा. बी एल सोनी ने भी परिंडा अभियान की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं बुधवार को ट्रस्ट की ओर से महावीर सर्किल क्षेत्र में पक्षियों के लिए परिण्डों के साथ-साथ चबुतरे भी लगाएं गए तथा पूर्व में लगे पेड़ों की सार-संभाल की गई ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ. उम्मेद सिंह ने कहा कि पक्षी जैव विविधता की मुख्य कड़ी है । प्रकृति में मौजूद सभी तत्वों का अपना योगदान है । जिसमें पक्षियो ंका कई मायनों में विशिष्ट स्थान है । प्रो डॉ. सिंह ने कहा कि जैव विविधता दिवस पर हम संकल्प लें कि हम हमारे परिवेश में मौजूद विभिन्न प्रकार के पक्षियों को बचाने को लेकर स्वयंसेवक आगे आकर कार्य करें ।
इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बी एल धनदे, डॉ. मुकेश जैन तथा डॉ. गणेश कुमार चौधरी ने पक्षियों को जैव विविधता का प्रमुख घटक बताया तथा उनके संरक्षण को पर्यावरण संरक्षण का अत्यन्त महत्वपूर्ण कारक बताया ।
जन कल्याण ट्रस्ट, बाड़मेर के अध्यक्ष मुकेश बोहरा अमन ने कहा कि जीवों के प्रति करूणा, मैत्री और आत्मीयता का भाव मानव के जीवन और मन में सदियो ंसे रहा है । अर्थात् प्रकृति के साथ हमारा सह-अस्तित्व हमारी थाती और संस्कृति रही है । हमें प्राणीमात्र की सेवा व कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए ।
इस अवसर पर ट्रस्ट के हरीश बोथरा, पवन सिंघवीं, सम्पतराज बोथरा, अचलाराम, दिनेश गोदारा, गोवर्धन सिंह भाटी, राजू भंसाली तथा अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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