राजनीति एक सुंदर खेल है – अनिल जी सुधाकर कुमार मिश्रा
अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना ,जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का आनुषंगिक संगठन है,के केंद्रीय कार्यालय ‘केशवकुंज ‘झंडेवालान में ‘कार्यकर्ता मिलन ‘समारोह का आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री/राष्ट्रीय संगठन सचिव आदरणीय डॉ.बालमुकुंद पांडेय जी का सभी कार्यकर्ताओं को पाथेय प्राप्त हुआ जिनका सुझाव राष्ट्रवादी दृष्टिकोण के इतिहास के पुनर्लेखन के लिए इतिहासकारों के मनोमस्तिषक में राष्ट्र के प्रति आस्था,प्रबल निष्ठा और अटूट विश्वास का होना अत्यावश्यक है। उन्होंने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के उन्नयन में मनीषियों ,युवा इतिहासकारों एवं लेखकों को ऊर्जा से परिपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)दिल्ली प्रांत के प्रांत कार्यवाह श्रीमान अनिल जी ने राजनीति को विचारधारा के आधार पर चलाने की बात कही। राजनीति एक सुंदर खेल है। सर्वोत्तम शासन के निर्वाचन में राजनीति महत्वपूर्ण कारक है। शासकीय प्रक्रिया के प्रत्येक स्तर पर, विशुद्ध तंत्र के सृजन में और लोकप्रिय शासन “लोकतंत्र” में राजनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।’ राष्ट्र प्रथम’ की अवधारणा पर काम करते हुए सुशासन के लिए ‘ विशुद्ध शासकीय व्यक्ति ‘ को चुनना हम सभी का संवैधानिक कर्तव्य है, जो सुशासन की दिशा में कारगर एवं फलदाई सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में इतिहासज्ञ आचार्य सुष्मिता पांडे जी ने इतिहास के प्रति रुचि बढ़ाने का आवाहन किया एवं सभी के ऊर्जावान सहयोग से “वृहत्तर भारत के इतिहास” पर काम के लिए शुभेच्छा प्रदान की। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में ‘ वृहत्तर भारत प्रोजेक्ट’ के निदेशक एवं दिल्ली प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष आचार्य धर्मचंद चौबे ने दिल्ली की त्रासदी के बारे में बताया और इससे निजात के लिए ‘एक उत्तम निर्वाचित शासक’ के निर्वाचन के लिए सभी से निवेदन किया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के दिल्ली प्रांत के महामंत्री श्रीमान डॉ. नरेंद्र शुक्ला ,निदेशक अकादमिक एवं प्रकाशन विभाग ने हिंदुत्व के उन्नयन के लिए युवाओं में हिंदू सांस्कृतिक कारक को बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में दिल्ली प्रांत से लगभग 200 कार्यकर्ताओं की सक्रिय और ऊर्जावान उपस्थिति रही ।

मिलावट-मुक्त भारत से ही विकसित भारत संभव -ः ललित गर्ग:-
नशा: राष्ट्र की जड़ों को खोखला करने वाली चुनौती -ः ललित गर्ग:-
क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता कोरा बुलबुला है या वास्तविक चुनौती? -ः ललित गर्ग:-
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज -ः ललित गर्ग:-
क्या एआई मानवता के महाविनाश का कारण बनेगी? -ः ललित गर्ग:-
यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म :- ललित गर्ग