तारक मेहता का उल्टा चश्मा के इस हफ़्ते के एपिसोड में ऑफ़िस की गतिशीलता मज़ेदार लेकिन तनावपूर्ण मोड़ लेने वाली है। हमेशा सख्त और मांग... Read More
उपदेश टाइम्स न्यूज़
(साहित्य जीवन की आलोचना) मुंशी प्रेमचंद जी ने साहित्य को “जीवन की आलोचना” भी कहा है। साहित्य एक स्वायत्त आत्मा है, और उसकी सृष्टि करने... Read More
आवश्यक है त्योहारों के मूल उद्देश्य से स्वयं को जोड़ना डॉ.दीपकुमार शुक्ल (स्वतन्त्र टिप्पणीकार)
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प्रत्येक त्योहार किसी न किसी उद्देश्य की पूर्ति का सन्देश लेकर आता है, जिसे समझे बिना उसे मनाना निरर्थक ही कहा जायेगा| विजयदशमी असत्य पर... Read More
मुजफ्फरपुर, बिहार – ग्रामीण विकास की दिशा में अद्वितीय प्रयास करते हुए, रौशन कुमार ने विलेज इनोवेशन यूथ समिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसके लिए... Read More
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार रात को आतंकवादियों ने जिस तरह टारगेट किलिंग से एक कंस्ट्रक्शन प्रॉजेक्ट में काम कर रहे लोगों को निशाना... Read More
पुस्तक समीक्षा प्रकाश मनु साहित्य की दुनिया में एक ऐसा नाम है जिनसे हर कोई बखूबी वाकिफ है खासतौर पर ये बच्चों के खासे प्रिये... Read More
किसानों की जिंदगी बेहतर करने का फंडा-किसानों द्वारा 5 रूपए में बेची सब्जी बाजार में 50 रूपए कैसे बिकती है? केंद्र सरकार ने खेत से... Read More
मुंबई (अनिल बेदाग) : गदर: एक प्रेम कथा, अपने और गदर 2 जैसी हिट फिल्मों के साथ, ज़ी स्टूडियो और अनिल शर्मा ने बड़ी सफलता... Read More
दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में अभी दीपावली आने में कुछ दिन है, उससे पहले ही जहरीली हवा एवं वायु प्रदूषण से उत्पन्न दमघोटू माहौल का... Read More
क्या संयुक्त राष्ट्र संघ और एमनेस्टी इंटरनेशनल की भूमिका बेमानी हो गई हैं। क्या मानवीय संवेदनाओं की आशाएं निर्मूल साबित हो रही हैं। वैश्विक शांति... Read More

तारक मेहता की योजना में पड़ा खलल क्या बापूजी एक बार फिर भूमिका निभाने के लिए सहमत होंगे
साहित्य और सनातन संस्कृति की वर्तमान में सार्वभौमिक स्वीकार्यता
गांदरबल हमला लोकतंत्र को दहलाने की साजिश -ललित गर्ग-
रामकथा के माध्यम से ऐसे प्रभु राम की अनुपम झाँकी उपस्थित की है, जो दिव्य हैं, मनोहर हैं फिर आए राम अयोध्या पुस्तक में – नरेंद्र कुमार वर्मा
किसानों से कौड़ियों के रेट में बिका बागवानी उत्पाद(सब्जियां) उपभोक्ता की थाली तक पहुंचते तक कीमतें आसमान कैसे छूने लगती है?-तुरंत एक्शन की दरकरार-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
ज़ी स्टूडियो और अनिल शर्मा की ‘वनवास’ 20 दिसंबर को सिनेमा में होगी रिलीज़
जहरीली होती हवा से गहराता सांसों का संकट -ललित गर्ग-