“छात्रों के भविष्य और लद्दाख के अस्तित्व से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: सरकार हठधर्मिता छोड़े” — भवन नाथ पासवान
उपदेश टाइम्स लखनऊ
डॉ अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन को अपना पूर्ण एवं बिना शर्त समर्थन घोषित किया है। मंच ने आंदोलन के 19वें दिन भी केंद्र सरकार की ओर से जारी चुप्पी पर गहरी चिंता और तीखा आक्रोश व्यक्त किया है।
मंच की ओर से जारी आधिकारिक बयान
शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार एवं NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद
बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने शिक्षा को समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे बड़ा हथियार बताया था। आज NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों ने करोड़ों होनहार विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं तथा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के कारण विद्यार्थियों का इस व्यवस्था से विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है।
● केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच छात्र संगठनों की इस मांग का समर्थन करता है कि परीक्षा संबंधी विवादों की नैतिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही, परीक्षा से जुड़े तनाव से प्रभावित छात्र-छात्राओं एवं उनके परिवारों को सरकार द्वारा उचित सहायता एवं आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
● लद्दाख को छठी अनुसूची (Sixth Schedule) का संरक्षण
Sonam Wangchuk केवल लद्दाख के लिए ही नहीं, बल्कि देश के प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। हमारा संगठन मांग करता है कि लद्दाख के आदिवासी समाज की संस्कृति, स्थानीय रोजगार तथा संवेदनशील हिमनदों (ग्लेशियरों) को अनियंत्रित दोहन से सुरक्षित रखने के लिए लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के अंतर्गत आवश्यक संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
● स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता
मंच का कहना है कि 19 दिनों के अनशन के कारण सोनम वांगचुक का वजन लगभग 9 किलोग्राम से अधिक कम होने की बात कही जा रही है तथा चिकित्सकों द्वारा उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा संवाद स्थापित न करना अत्यंत अलोकतांत्रिक एवं संवेदनहीन प्रतीत होता है।
● सरकार से अपील
समता, न्याय, शिक्षा, एकता और संविधान के मूल सिद्धांतों में विश्वास रखने वाला हमारा संगठन इस जन-आंदोलन के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से खड़ा है। हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह हठधर्मिता छोड़कर संवाद, समाधान और सम्मान का मार्ग अपनाए तथा लद्दाख के लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित करे!

अंडर-6 के नन्हे जिम्नास्टों ने बिखेरी प्रतिभा, दिविषा साहू और रियांश ने जीते स्वर्ण पदक
शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर डा. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच ने जताई चिंता, संगठन को मजबूत करने पर हुई चर्चा
आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर आजादी की उड़ान -ललित गर्ग-
राजकीय संग्रहालय विदिशा में अम्बिका की दो प्राचीन प्रतिमाएं -डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर
मंदिरों में भ्रष्टाचारः वहां सुशासन की नई क्रांति का सूत्रपात हो -ः ललित गर्ग:-
राज्यपाल की अध्यक्षता में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर का 28वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ 