2390 मिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन से 19.60 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी, 1203 एकड़ में फैले सोलर प्रोजेक्ट से चार फीडरों को मिल रही बिजली
9.82 लाख सोलर पैनलों वाला एनटीपीसी प्लांट बना ग्रीन एनर्जी का बड़ा केंद्र
बिल्हौर के डोड़वा जमौली में फैला सोलर प्रोजेक्ट, 717 करोड़ रुपये की बिजली उत्पादन
उपदेश टाइम्स कानपुर
कानपुर नगर :- बिल्हौर तहसील के डोड़वा जमौली में स्थापित एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के 225 मेगावाट क्षमता वाले मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट का शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। परियोजना उत्तर प्रदेश की प्रमुख सौर ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है और बड़े स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन कर रही है। यह एक स्थान पर संचालित प्रदेश की सबसे बड़ी सोलर परियोजना है।
निरीक्षण के दौरान एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के सीनियर मैनेजर अमितोष वर्मा ने बताया कि यह परियोजना लगभग 1203 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की गई है। मुख्य प्लांट ग्राम डोड़वा जमौली में स्थित है, जबकि इसका विस्तार नदिहा खुर्द, उत्तरी एवं मदाररायगुमान गांवों तक है। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 9.82 लाख सोलर पैनल लगाए गए हैं।
अब तक 2390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन
अमितोष वर्मा ने बताया कि स्थापना से अब तक प्लांट से 2390 मिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन किया जा चुका है। उत्पादित बिजली का अनुमानित मूल्य लगभग 717 करोड़ रुपये है। परियोजना से उत्पादित विद्युत ऊर्जा रसूलाबाद, बिल्हौर, बांगरमऊ और मल्हावा फीडरों को आपूर्ति की जा रही है।
19.60 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से उत्पादित स्वच्छ ऊर्जा के कारण अब तक लगभग 19.60 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है। इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की परियोजनाएं भविष्य में गैर-जीवाश्म ऊर्जा आधारित व्यवस्था को मजबूत करेंगी।
ग्रीन एवं क्लीन एनर्जी को मिल रहा बढ़ावा
जिलाधिकारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में “ग्रीन एवं क्लीन एनर्जी” को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार भी प्रदेश में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि डोड़वा जमौली का यह प्लांट ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत मॉडल बनकर उभरा है।
डीएम ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इनमें प्रदूषण की संभावना बेहद कम होती है। भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
गांवों में स्टेडियम और सोलर लाइट लगाएगी एनटीपीसी
एनटीपीसी द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत आसपास के गांवों में विकास कार्य भी कराए जा रहे हैं। कंपनी ग्राम डोड़वा जमौली में 1.87 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराएगी। इसके अलावा डोड़वा जमौली, नदिहा खुर्द और मदाररायगुमान गांवों में सोलर लाइट लगाई जाएंगी। गांवों के परिषदीय विद्यालयों में बेंच और अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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