जीटी रोड पर जारी है गड्ढामुक्ति का कार्य, मार्ग को बनाया जा रहा है मोटरेबल
कानपुर नगर। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-91 (आईआईटी से रामादेवी चौराहा) पर बारिश के दौरान हुए क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिशासी अभियंता एनएच, कानपुर खंड ए.के. जयंत ने बताया कि मार्ग को मोटरेबल बनाए रखने के लिए अनुबंधित फर्म द्वारा “वेट मिक्स मैकडम” विधि से गड्ढों को भरने का कार्य निरंतर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्षा के चलते फिलहाल बिटुमिनस कार्य संभव नहीं है, लेकिन जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, डामरीकरण सहित स्थायी मरम्मत प्रारम्भ करा दी जाएगी। वर्तमान समय मे मार्ग को मोटरेबल बनाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय मार्ग खण्ड, लोक निर्माण विभाग, कानपुर के अंतर्गत रा.मा.सं. 91 (आईआईटी से रामादेवी), रा.मा.सं. 91ए (इटावा-बेला-कन्नौज मार्ग) तथा रा.मा.सं. 330डी (सीतापुर-मिश्रिख-हरदोई-बिलग्राम-कन्नौज मार्ग) की कुल 53.995 किलोमीटर लम्बाई के अनुरक्षण हेतु परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटनेंस कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत ₹7142.17 लाख की लागत से निविदा आमंत्रित की गई थी।
निविदा प्रक्रिया के अंतर्गत प्रथम निविदादाता के रूप में मेसर्स एमवीडी इंफ्राडेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ से ₹44.28 करोड़ में अनुबंध 09 जून 2025 को संपादित किया गया। इसी अनुबंध में जीटी रोड (रा.मा.सं. 91) की 18.200 किमी लम्बाई का अनुरक्षण भी सम्मिलित है, जिसके लिए पांच वर्षों में लगभग ₹13.40 करोड़ व्यय किए जाने हैं।
बताया गया कि मार्ग के उक्त हिस्से का नवीनीकरण लगभग छह वर्ष पूर्व कराया गया था, तब से पॉटहोल्स की समय-समय पर मरम्मत होती रही है। वर्षा के कारण कुछ स्थानों पर नई क्षतियां उत्पन्न हुई हैं, जिनकी मरम्मत लगातार की जा रही है। अनुबंधित फर्म द्वारा आवश्यक मशीनरी की मदद से मार्ग को चालू रखने के प्रयास जारी हैं ताकि जनता को सुगम यातायात उपलब्ध हो सके और किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

ज्ञान भारतम् मिशन: कानपुर की प्राचीन पांडुलिपियां अब होंगी डिजिटल, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी संगठन ने सौपा ज्ञापन
मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को किया गया जागरूक
एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की री-पैकिंग पर सख्ती, ‘सेफ फूड’ अभियान चलाने के निर्देश, अजीनोमोटो व इंडस्ट्रियल रंग के इस्तेमाल पर कार्रवाई होगी
फसल प्रभावित होने पर किसान 72 घंटे के भीतर 14447 पर दें सूचना
विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत व्यापक निरीक्षण व जागरूकता अभियान संचालित 